
हरियाणा में वर्ष 2023 के दौरान भले ही साक्षरता दर में सुधार हुआ हो लेकिन इस प्रदेश की कड़वी सच्चाई यह भी है कि यहां आज भी लड़कियां पांचवी कक्षा के बाद से ही पढ़ाई से दूरी बनाना शुरू कर देती हैं। आठवीं कक्षा तक पहुंचते-पहुंचते ड्रापआउट की दर में वृद्धि हो रही है।
वर्ष 2021-2022 के दौरान पहली से लेकर पाचवीं कक्षा तक लड़कियों की ड्रापआउट दर शून्य प्रतिशत रही। इसके बाद छठी से लेकर आठवीं कक्षा तक की ड्रापआउट दर जहां 0.2 प्रतिशत थी वहीं नौवीं से दसवीं कक्षा तक की ड्रापआउट दर 4.9 प्रतिशत रही है। स्कूलों से दूर हो रहे तथा अभाव ग्रस्त बच्चों के लिए शिक्षा की राह सरल बन सके इसी उद्देश्य के साथ प्रयोग फाउंडेशन द्वारा प्रोजैक्ट शिक्षा बैंक चलाया जा रहा है।
प्रयोग फाउंडेशन द्वारा हरियाणा के विभिन्न जिलों में शिक्षा बैंक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत हरियाणा सरकार द्वारा जिला स्तर पर चलाए जा रहे बाल सदन अथवा चिल्ड्रन होम्स,झौंपड़ पट्टी क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को पाठय सामग्री दी जा रही है। अब तक करीब 8000 बच्चों को पाठय सामग्री दी जा चुकी है।
इस योजना के तहत बच्चों को हर माह अथवा उनकी मांग के आधार पर पाठय सामग्री मुहैया करवाई जाती है। प्रयोग फाउंडेशन द्वारा अपनी नोट बुक बनवाई गई हैं। यह बच्चों को दी जाती हैं। जब यह नोटबुक भर जाती है तो बच्चों से पुरानी नोट बुक लेकर यह पता किया जाता है कि उन्होंने सही मायने में इसका इस्तेमाल किया है या नहीं। इसके बाद हमारी टीम बच्चों को दोबारा किताबें जारी करती है।
शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए शुरू की गई इस योजना में साल दर साल बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इनमें से बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो लगातार हमारे वालंटियर के संपर्क में हैं। जो बच्चे सातवीं या आठवीं कक्षा में हमारे साथ जुड़े थे आज वह बारहवीं कक्षा पास करने जा रहे हैं। प्रयोग फाउंडेशन द्वारा अपने सीमित साधनों के माध्यम से समय-समय पर इन बच्चों की मदद की जा रही है।