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बच्चों में पेंसिल व रबड़ चबाने की आदत है दांतों के लिए खतरा:कविता शर्मा

पंचकूला। बच्चों में पेंसिल या रबड़ चबाने की आदत उनके दांतों के लिए खतरा है। सामान्य बच्चों के मुकाबले ऐसे बच्चों में दांतों की बीमारियां लगने का खतरा अधिक बना रहता है। उक्त विचार प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ एवं दंत रोग वक्ता डॉ.कविता शर्मा प्रयोग फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे आप्रेशन दंत रक्षक के तहत पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्राइवेट डेंटल प्रैक्टिशनर एसोसिएशन पंचकूला के सहयोग से आयोजित दंत जांच शिविर के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चे पढ़ाई के तनाव में पेन, पेंसिल, रबड़ आदि चबाने लगते हैं। कुछ बच्चे चॉक आदि भी खाते हैं। ऐसे बच्चों के दांत टेढ़े-मेढ़े होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा पैन की प्लास्टिक, पेंसिल का सिक्का व लकड़ी दांतों की कई बीमारियों को जन्म देता है।
पीडीपीए के अध्यक्ष डॉ.मनिल ग्रोवर, हिमांशु गुप्ता ने बच्चों को ब्रश करने के सही तरीके के बताते हुए कहा कि एक ब्रश की उम्र पांच से छह माह होती है और ब्रश करने का समय तीन से चार मिनट का होता है। स्कूल की डीडीओ मीना गहलावत ने इस आयोजन के लिए सामाजिक संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से बच्चों को पढ़ाई से हटकर कई नई जानकारियां मिलती हैं, जिससे उनका शारीरिक विकास होता है। 
शिविर के दौरान पीडीपीए प्रतिनिधि डॉ.वर्षा कंबोज,डॉ.राहुल वशिष्ठ, डॉ.आशिमा मल्होत्रा ने दो सौ से अधिक छात्राओं के दांतों की जांच की। ज्यादातर छात्राओं में दांतों का आकार सही न होने, दांतों में कीड़ा लगे होने जैसी बीमारियां देखने को मिली। इस अवसर पर प्रयोग फाउंडेशन की प्रोजेक्ट इंचार्ज शिवांगी बंसल के अलावा स्कूल की तरफ से पीजीटी प्रियंका शर्मा, मीना अत्री, कुलदीप सिंह, सोहन लाल समेत कई गणमान्य मौजूद थे।
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